| लोग | कैसा रहेगा? | |------|-------------| | बैकपैकर / ट्रैवलर्स | ✅ बहुत अच्छा (फोटो, मैप, डायरी लिखने की जगह) | | कॉलेज स्टूडेंट्स | ✅ बेस्ट (सस्ता + हुक्का) | | कपल्स | ✅ हां, लेकिन अकेली लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं (रात 10 बजे के बाद) | | फैमिली | ⚠️ नहीं (ज्यादा कैजुअल, हुक्का और यंग क्राउड) | | ऑफिस वर्क फ्रॉम कैफे | ✅ सुबह 11-4 बजे (Wi-Fi धीमा है – अपना hotspot ले जाएं) |
हर शहर में एक ऐसी जगह होती है, जहाँ अजनबी दोस्त बन जाते हैं, और दोस्त परिवार। मुसाफिर कैफे ठीक वैसी ही जगह है। यहाँ की दीवारों पर टंगे पोस्टकार्ड, पुरानी फिल्मों के पोस्टर और यात्रियों की लिखी शायरियाँ बताती हैं कि यह जगह कितने किस्सों की गवाह रही है। Musafir Cafe -Hindi-