आदिदेव अलबेसरु, विनीतानी राय;नाभिराया कुल मंडणो, मरुदेवा माय।पांचशे धनुषनी देहड़ी, प्रभुजी परम दयाल;चौराशी लाख पूर्वनी, जस आयु विशाल।वृषभ लांछन जिन वृषभधरु ए, उत्तम गुण मणि खाण;तस पद 'पदम' सेवण थकी, लहिये अविचल ठाण।
शांति जिनेश्वर सोलमा, अचिरा सुत वंदो;विश्वसेन कुल नभोमणी, भविजन सुख कंदो।मृग लांछन जिन आयुखूं, लाख वरस प्रमाण;हत्थिनापुर नगरी धणी, प्रभुजी गुण मणिखाण। palitana 5 chaityavandan in hindi full
: Pilgrims must descend before sunset, as no humans (including priests) stay overnight in the "abode of the divine". bhavnagar.nic.in नाभिराया कुल मंडणो
पर्वत की तलहटी में स्थित यह पहला वंदना स्थल है। पर्वत चढ़ने से पहले यात्री यहाँ भावपूर्वक वंदन करते हैं। Tattva Gyan हिंदी सार: प्रभुजी परम दयाल